अंतरराष्ट्रीय ड्रग विरोधी दिवस के अवसर पर मध्य प्रदेश पुलिस ने नशीली दवाओं के दुरुपयोग और तस्करी के खिलाफ अपनी रणनीति को तकनीकी रूप से और सुदृढ़ करने का निर्णय लिया है। इस कड़ी में पुलिस ने गुरुवार से एक समर्पित वेबसाइट www.mppolicenarcotics.in और शिकायतों के लिए एक मोबाइल नंबर 7049100785 लॉन्च करने की घोषणा की है। इस पहल का उद्देश्य न केवल जागरूकता बढ़ाना है, बल्कि आम नागरिकों को मादक पदार्थों से जुड़ी गतिविधियों की रिपोर्ट करने में भी सक्रिय भागीदार बनाना है। राष्ट्रीय सर्वेक्षणों के अनुसार, देश की लगभग 7.61 प्रतिशत वयस्क आबादी किसी न किसी रूप में नशीली दवाओं का सेवन करती है। इसके अलावा, शराब की लत से जूझ रही जनसंख्या लगभग 17 प्रतिशत है। यह स्थिति देश के लिए गंभीर स्वास्थ्य और सामाजिक चुनौती पेश करती है। मप्र में भी हालात चिंताजनक हैं, और यही कारण है कि राज्य पुलिस ने डिजिटल

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माध्यमों से हस्तक्षेप की योजना बनाई है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, नई वेबसाइट पर नशे की रोकथाम, लत का आकलन, उपचार और पुनर्वास की जानकारी, जागरूकता सामग्री और नागरिक भागीदारी के लिए विकल्प उपलब्ध रहेंगे। लोग अपनी सामग्री वेबसाइट पर भेज सकेंगे, लेकिन प्रकाशन से पहले उसकी पुष्टि की जाएगी। शिकायत मोबाइल नंबर के माध्यम से लोग ड्रग्स से संबंधित अपराधों की रिपोर्ट सबूतों के साथ कर सकेंगे। ड्रग्स के खिलाफ पुलिस की कार्यवाही का विश्लेषण करें तो वर्ष 2023 में ही रासायनिक दवाओं से जुड़े मामलों में 355 एफआईआर दर्ज की गईं और 116.750 किलोग्राम अवैध पदार्थ जब्त किए गए। स्मैक की बिक्री के 341 मामले दर्ज हुए, जिनमें 19 किलोग्राम स्मैक जब्त हुई। गांजा की जब्ती 12,000 किलोग्राम से अधिक रही। वर्षभर में कुल 2,978 आरोपियों के खिलाफ 2,469 एफआईआर दर्ज की गईं। चरस और डोडा-चूरा की जब्ती भी बड़ी मात्रा में हुई, क्रं. 70 किलोग्राम और 69,959 किलोग्राम। वर्ष 2023 में कुल 65,320 किलोग्राम ड्रग्स जब्त की गईं, जबकि 2024 में यह आंकड़ा बढ़कर 82,645 किलोग्राम तक पहुंच गया। 2025 के पहले तीन महीनों में ही 19,495 किलोग्राम ड्रग्स जब्त हो चुकी है। इस वर्ष 12 जून से 25 जून के बीच चलाए गए 11 दिवसीय विशेष अभियान में पुलिस ने करीब 2.25 करोड़ रुपये मूल्य की अवैध ड्रग्स जब्त की। इंदौर जिले में 42 लाख रुपये, नीमच में 27 लाख रुपये, गुना में 21 लाख रुपये, रीवा में 19 लाख रुपये, रतलाम में 14.20 लाख रुपये और राज्य की नारकोटिक्स शाखा द्वारा 11 लाख रुपये से अधिक की जब्ती की गई। मध्य प्रदेश पुलिस की यह पहल एक महत्त्वपूर्ण संकेत है कि राज्य अब केवल कार्रवाई तक सीमित नहीं रहकर नागरिकों को जागरूक करने और उन्हें सहभागी बनाने की दिशा में कदम बढ़ा रहा है। डिजिटल प्लेटफॉर्म की मदद से यह मुहिम यदि ठीक से क्रियान्वित होती है तो राज्य में नशे के खिलाफ लड़ाई को एक नई धार मिल सकती है।