मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के अतिरिक्त मुख्य सचिव बनने के बाद 1993 बैच के नौकरशाह नीरज मंडलोई ने सबसे पहले अपने विभाग में कर्मचारियों के अपलिफ्टिंग तथा नए रोजगार के अवसर को प्राथमिकता के आधार पर निर्णायक बनाने के लिए मुख्यमंत्री डॉ. यादव को तैयार कर लिया। इसी का परिणाम यह निकला कि कल मंगलवार को हुई कैबिनेट बैठक में मध्यप्रदेश के सर्वांगीण विकास को केंद्र में रखते हुए कई ऐतिहासिक और जनहितैषी निर्णय लिए गए लेकिन बिजली कंपनियों में 49,263 पदों की भर्ती की स्वीकृति ने मप्र के बिजली विभाग को नौकरी देने वाला सबसे बड़ा और पहला विभाग बना दिया है, इस बात से इंकार नहीं किया जा सकता। हालांकि कल लिए गए फैसलों में बहनों को राखी पर सौगात, युवाओं के लिए हजारों भर्तियाँ, किसानों के लिए कर्ज़ राहत, और बच्चों के पोषण-संरक्षण की नई पहलें शामिल हैं। लाडली

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बहना योजना के अंतर्गत इस बार राखी के पर्व पर मोहन सरकार 1.27 करोड़ महिलाओं के खातों में 1500 रुपए की सम्मान राशि अंतरित करेगी। यह कदम मुख्यमंत्री डॉ. यादव की महिलाओं के प्रति प्रतिबद्धता और उनकी आर्थिक सहभागिता को सशक्त करने की नीति को दर्शाता है। राज्य में औद्योगिक निवेश को प्रोत्साहन देने और रोजगार के नए अवसर निर्मित करने हेतु मुख्यमंत्री जल्द ही स्पेन और दुबई की यात्रा पर जाएंगे। इस दौरे का उद्देश्य अंतरराष्ट्रीय निवेशकों को मध्यप्रदेश के विकास मॉडल से जोडऩा और प्रदेश को ग्लोबल इंवेस्टमेंट हब बनाना है। कैबिनेट के बाद पत्रकारों से ब्रीफिंग के दौरान उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ला ने बताया कि बिजली वितरण व्यवस्था को मजबूत करने के लिए सरकार ने 49,263 नए पद सृजित करने की स्वीकृति दी है। इससे उपभोक्ताओं को बेहतर सेवाएं मिलेंगी और बड़ी संख्या में युवाओं को रोजगार मिलेगा। यह निर्णय वितरण प्रणाली की क्षमता, जवाबदेही और विश्वसनीयता को बढ़ावा देगा। कैबिनेट की सबसे अहम घोषणाओं में से एक ‘एकमुश्त समझौता योजना’ रही, जिसके तहत कृषि सिंचाई जल कर पर लगे ब्याज और दंड को पूरी तरह माफ कर दिया गया है। लाभार्थी किसान लगभग 35 लाख,राहत राशि 84.17 करोड़, इस योजना से किसानों को पुराने कर्ज़ के जाल से मुक्ति मिलेगी और वे नए ऋणों के लिए पात्र बन सकेंगे। राजधानी भोपाल का प्रतिष्ठित होटल लेक व्यू रेसिडेंसी अब पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मोड पर संचालित किया जाएगा। इससे होटल के आधुनिकीकरण, सुचारु संचालन और पर्यटन को नया आयाम मिलेगा। कैबिनेट ने ‘भारतीय स्टाम्प विधेयक 2025’ को मंजूरी दी है, जिसके तहत स्टाम्प शुल्क प्रावधानों में संशोधन कर उन्हें अधिक व्यावहारिक और समसामयिक बनाया जाएगा। राज्य सरकार के ये निर्णय महिलाओं की सशक्त भूमिका, युवाओं को अवसर, किसानों को राहत और बच्चों के भविष्य को संरक्षित करने की दिशा में निर्णायक कदम हैं। मुख्यमंत्री के नेतृत्व में प्रदेश एक प्रगतिशील, समावेशी और नवाचार आधारित विकास यात्रा पर अग्रसर है। इस समाचार विश्लेषण का लब्बोलुआब यह है कि मप्र में मोहन सरकार ने अपने फैसलों में प्रदेश के बेरोजगारों को सर्वोच्च प्राथमिकता देने का निर्णय कर लिया है, ऐसा माना जाए तो चौंकिएगा मत।