डबरा। शहर और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में आवारा मवेशियों का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है। इसी कड़ी में शुक्रवार रात एक दर्दनाक सड़क हादसा सामने आया, जिसने एक बार फिर सड़क सुरक्षा और प्रशासनिक लापरवाही पर सवाल खड़े कर दिए। चोमो रोड पर रात करीब 9 बजे एक बाइक के सामने अचानक सांड आ जाने से बड़ा हादसा हो गया। इस दुर्घटना में बाइक सवार पिता और उसका मासूम पुत्र गंभीर रूप से घायल हो गए, जबकि साथ बैठी दो बच्चियां बाल-बाल बच गईं। 🚨 कैसे हुआ हादसा?

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प्राप्त जानकारी के अनुसार, सिमरिया गांव निवासी सलमान खान अपनी पत्नी और तीन बच्चों के साथ बाइक से  चोमो की ओर जा रहे थे। रास्ते में  अचानक एक सांड सड़क पर आ गया। अंधेरा होने और सांड के अचानक सामने आने के कारण सलमान बाइक को संभाल नहीं पाए और वाहन अनियंत्रित होकर सड़क पर गिर गया। हादसा इतना तेज था कि सलमान और उनका तीन साल का बेटा सोहिल गंभीर रूप से घायल हो गए। सोहिल के सिर में चोट आई, जबकि सलमान को भी कई जगह गहरी चोटें आईं। हादसे के बाद दोनों सड़क पर ही दर्द से तड़पते रहे। 😢 बच्चियां सुरक्षित, लेकिन सदमे में इस दुर्घटना में राहत की बात यह रही कि बाइक पर सवार अन्य दो बच्चियों को कोई गंभीर चोट नहीं आई। हालांकि हादसे के बाद वे बुरी तरह घबरा गईं और रोने लगीं। आसपास मौजूद लोगों ने उन्हें संभाला और मदद पहुंचाने की कोशिश की। 🙏 MLA ने निभाया मानवता का फर्ज घटना के दौरान संयोगवश क्षेत्र से गुजर रहे सुरेश राजे ने इंसानियत की मिसाल पेश की। जैसे ही उन्होंने सड़क पर घायल पड़े पिता-पुत्र को देखा, उन्होंने तुरंत अपनी गाड़ी रुकवाई और बिना समय गंवाए दोनों को अपनी गाड़ी में बैठाकर डबरा सिविल अस्पताल पहुंचाया। इस दौरान रास्ते में चोमो रोड पर जाम की स्थिति भी बनी हुई थी, जिससे उन्हें कुछ समय तक रुकना पड़ा। लेकिन इसके बावजूद उन्होंने धैर्य नहीं खोया और किसी तरह रास्ता बनाकर घायलों को अस्पताल तक पहुंचाया। 🏥 अस्पताल में प्राथमिक इलाज, फिर ग्वालियर रेफर डबरा सिविल अस्पताल में डॉक्टरों ने दोनों घायलों का प्राथमिक उपचार किया। सोहिल के सिर में चोट होने के कारण स्थिति को गंभीर मानते हुए डॉक्टरों ने उसे और उसके पिता को बेहतर इलाज के लिए ग्वालियर रेफर कर दिया। डॉक्टरों के अनुसार, समय पर अस्पताल पहुंचने से स्थिति और बिगड़ने से बच गई। यदि थोड़ी भी देर होती, तो परिणाम और गंभीर हो सकते थे। ⚠️ बढ़ती समस्या: आवारा मवेशी यह हादसा कोई पहली घटना नहीं है। डबरा और आसपास के क्षेत्रों में सड़कों पर आवारा मवेशियों की समस्या लगातार बढ़ रही है। दिन हो या रात, सांड और गायें सड़क पर घूमते नजर आते हैं, जिससे आए दिन दुर्घटनाएं हो रही हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि कई बार प्रशासन को इस समस्या के बारे में अवगत कराया गया है, लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। खासकर रात के समय यह खतरा और बढ़ जाता है, जब सड़क पर रोशनी कम होती है और मवेशी अचानक सामने आ जाते हैं। 🗣️ स्थानीय लोगों में आक्रोश घटना के बाद क्षेत्र में लोगों में आक्रोश देखने को मिला। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते प्रशासन ने आवारा मवेशियों को पकड़ने और उनके लिए उचित व्यवस्था करने की दिशा में काम किया होता, तो इस तरह की घटनाओं से बचा जा सकता था। लोगों ने यह भी मांग की है कि चोमो रोड जैसे व्यस्त मार्गों पर स्ट्रीट लाइट की व्यवस्था बेहतर की जाए, ताकि रात में दृश्यता बनी रहे और दुर्घटनाओं की संभावना कम हो। 🚧 जाम ने बढ़ाई मुश्किलें घायलों को अस्पताल ले जाते समय रास्ते में जाम लगना भी एक बड़ी समस्या बनकर सामने आया। एम्बुलेंस या अन्य वाहनों को रास्ता देने के लिए लोगों में जागरूकता की कमी भी दिखी। इस कारण कुछ समय के लिए घायलों को इंतजार करना पड़ा, जो उनके लिए खतरनाक साबित हो सकता था। 📢 प्रशासन से उठी मांगें इस घटना के बाद स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन से कई मांगें की हैं: सड़कों से आवारा मवेशियों को हटाया जाए रात में पर्याप्त स्ट्रीट लाइट लगाई जाए दुर्घटना संभावित क्षेत्रों में चेतावनी संकेत लगाए जाएं ट्रैफिक व्यवस्था को मजबूत किया जाए 🧠 सबक और सावधानी यह घटना सभी वाहन चालकों के लिए भी एक चेतावनी है कि रात के समय वाहन चलाते समय विशेष सावधानी बरतें। गति नियंत्रित रखें और सड़क पर अचानक आने वाली बाधाओं के प्रति सतर्क रहें।