जीवन ज्योति बीमा योजना में फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्रों का उपयोग कर करोड़ो की धोखाधड़ी
27/07/2025 1:34 PM Total Views: 25645

ग्वालियर। आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ म0प्र0 को शिकायत प्राप्त हुई कि ग्वालियर/चम्बल संभाग में कुछ व्यक्ति संगठित गिरोह बनाकर शासन की महत्वाकांक्षी प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना में जीवित व्यक्तियों को मृतक एवं मृतक व्यक्तियों को जीवित बताकर पुन: मृतक बनाकर धोखाधड़ी कर करोड़ो का गबन कर रहे है ई0ओ0डब्ल्यू0 इकाई ग्वालियर द्वारा जांच उपरांत पाया कि प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना भारत सरकार की महत्वाकंाक्षी सामाजिक सुरक्षा योजना है, जो समाज के गरीब व निम्न वर्ग के व्यक्तियों को प्राकृतिक/आकस्मिक मृत्यु होने पर मात्र 436 रूपये प्रतिवर्ष प्रीमियम पर 18 वर्ष से 55 वर्ष के आयु के व्यक्तियों को 2 लाख रूपये का बीमा सुरक्षा प्रदान करती है और बैंकों एवं ऑनलाइन माध्यम से पात्र व्यक्ति आवेदन कर सकते है, बीमाधारक की मृत्यु होने पर 2 लाख रूपये का भुगतान नॉमिनी के खाते में होता है।
प्रकोष्ठ ई0ओ0डब्ल्यू0 द्वारा ग्वालियर/चम्बल संभाग में कार्यरत 8 बीमा कंपनियों (1) न्यू इंडिया इंश्यारेंस कंपनी, (2) स्टार यूनियन डाई-इची लाइफ इंश्योरेंस (शुड), (3) भारतीय एक्सा लाईफ इंश्योरेंस कंपनी, (4)आई.सी.आई.सी.आई. प्रुडेंशियल लाईफ इंश्योरेंस कंपनी, (5) मैक्सेस लाइफ इंश्योरेंस कंपनी, (6) यूनाटेड इंडिया इंश्योरेंस कंपनी, (7) एस.बी.आई. लाइफ इंश्योरेंस कंपनी, (8) एल.आई.सी. इंडिया से वर्ष जनवरी 2020 से दिसम्बर 2024 तक 5 वर्ष अवधि के उन प्रकरणों की जानकारी हेतु पत्र लेख किया गया जिनका बीमा क्लेम 2,00,000/- रूपये नामिनी के खाते में भुगतान किया गया।
प्रारंभिक तौर पर मैक्स लाइफ इंश्योरेंस कंपनी द्वारा अभी तक 325 प्रकरण एवं एस.बी.आई. लाइफ इंश्योरेंस द्वारा 679 प्रकरणों कुल-1004 क्लेम प्रकरणों के दस्तावेज जिनमें लगभग 20 करोड़ रूपये का भुगतान प्राप्त किया गया है, शेष कंपनियों से जानकारी (रिकार्ड) प्राप्त करने की प्रक्रिया चल रही है।
जिला ग्वालियर : मैक्स लाइफ इंश्योरेंस कंपनी से प्राप्त 325 बीमा क्लेम प्रकरणों में से अभीतक 5 बीमा क्लेम प्रकरणों की जांच पूर्ण की गयी है।
जिसमें पाया गया कि उक्त प्रकरणों में जीवित व्यक्तियों नदीम, इरशाद, नसीमा, सिमरन, कृष्णा शंखवार के जीवित रहते हुए फर्जी मृत्यु प्रमाण-पत्र नगर निगम ग्वालियर से बनवाकर मैक्स लाइफ इंश्योरेंस से प्रत्येक प्रकरण में 2-2 लाख रूपये का बीमा क्लेम छलपूर्वक प्राप्त किया गया।
प्राप्त साक्ष्य से आधार पर जिग्नेश प्रजापति, दीपमाला मिश्रा, विवेक दुबे, (कर्मचारी मैक्स लाइफ) एवं अन्य के विरूद्ध धारा 420, 467, 468, 471, 120बी भा.द.वि. का अपराध पंजीबद्ध किया गया है।
अपराध विधि – इस संगठित गिरोह में जिग्नेश प्रजापति, दीपमाला मिश्रा, विवेक दुबे एवं अन्य व्यक्ति सम्मिलित है ये जीवित व्यक्तियों को उनकी जानकारी के बिना उनके दस्तावेज आधार कार्ड, वोटर कार्ड आदि ऋण का प्रलोभन देकर एवं दीपमाला मिश्रा द्वारा ÓÓएंटी करप्शन फाउण्डेशन ऑफ वर्ड नामक संस्था से जुड़कर उक्त संस्था का सदस्य बनाये जाने का कहकर प्राप्त करते थे। इस कार्य हेतु गरीब एवं कम पढ़े लिखे व्यक्तियों को ढूढते थे जिनका फर्जी मृत्यु प्रमाण-पत्र नगर निगम ग्वालियर से बनवाते थे एवं बैंक एकाउण्ट पासबुक, एटीएम, चैकबुक नामिनी के हस्ताक्षर कराकर स्वयं अपने पास रखते थे। क्लेम भुगतान होने पर चैक अथवा एटीएम के माध्यम से राशि स्वयं प्राप्त करते थे।
एस.बी.आई.लाइफ इंश्योरेंस से प्राप्त 679 प्रकरणों में से भिण्ड एवं मुरैना जिलो के क्रमश: 5-5 बीमा क्लेम प्रकरणों की जांच पूर्ण की गयी, जिसमें पाया गया कि:-
जिला-मुरैना अरूण कुशवाह, राजाबेटी, सीमाबाई, कल्याण महौर, सुनीताबाई जिला-मुरैना की मृत्यु पूर्व में ही हो चुकी थी, उनको जीवित बनाकर उनका प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना में पंजीकरण कर उनका पुन: फर्जी मृत्यु प्रमाण-पत्र बनाकर एस.बी.आई. लाइफ इंश्योरेंस कंपनी से प्रत्येक प्रकरण में 2-2 लाख का बीमा क्लेम प्राप्त किया गया, उक्त कृत्य पर आरोपी मानसिंह कुशवाह, बल्लेश किरार (बीमा एजेंट), प्रदीप कुशवाह, रिंकू सिंह कुशवाह, सगुनी कुशवाह, सूरजराम कुशवाह (पंचायत सचिव) के विरूद्ध धारा 420, 467, 468, 471, 120बी एवं भ्र.नि.अ.1988 संशोधित अधि. 2018 की धारा 7 का अपराध पंजीबद्ध किया गया है।
जिला-भिण्ड बलवीर सिंह राठौर, लक्ष्मण श्रीवास (जिंदा), शशी विमल, मंजूबाई, अरविंद उक्त व्यक्तियों में से 4 की मृत्यु पूर्व में हो चुकी थी, उनको जीवित दर्शाकर उनका प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना में पंजीकरण कर उनका पुन: फर्जी मृत्यु प्रमाण-पत्र एवं लक्ष्मण श्रीवास का जीवित रहते हुए फर्जी मृत्यु प्रमाण-पत्र बनवाया जाकर एस.बी.आई. लाइफ इंश्योरेंस से 2-2 लाख रूपये का कुल-10 लाख रूपये का बीमा क्लेम नॉमिनी अथवा जीवित व्यक्ति की जानकारी के बिना प्राप्त किया गया उक्त कृत्यु पर आरोपी बालेन्द्र सिंह कुशवाह, सतीश परिहार, निखिल विमल, भोलू सिंह एवं पंचायत सचिव सूरतराम कुशवाह व अन्य के विरूद्ध ई0ओ0डब्ल्यू0 में धारा 420, 467, 468, 471, 120बी एवं भ्र.नि.अ.1988 संशोधित अधि. 2018 की धारा 7 का अपराध पंजीबद्ध किया गया है।
अपराध विधि – उक्त आरोपियों द्वारा जिनमें कुछ बीमा ऐजेन्ट है पंचायत सचिव से मिलकर ऐसे व्यक्तियों की तलाश की जिनकी मृत्यु हो चुकी थी। उनके परिजनों को बीमा राशि अथवा सरकार से सहायता के नाम पर मूल दस्तावेज प्राप्त किये मृतक को जीवित दिखाकर उसका बैंक एकाउन्ट खोला, पुन: फर्जी मृत्यु प्रमाण-पत्र तैयार कराकर बीमा क्लेम प्राप्त किया है। जांच में अन्य बीमा कंपनियों एंव बैंकों से निरंतर जानकारी प्राप्त की जा रही है।
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