केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने शनिवार को कांग्रेस पार्टी पर पाकिस्तान की भाषा बोलने और कारगिल विजय दिवस पर बेवजह सवाल उठाने का आरोप लगाते हुए तीखा हमला बोला। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री का विरोध करने की कोशिश में कांग्रेस देश का ही विरोध कर रही है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस कारगिल विजय दिवस पर भी सवाल उठाती है। 2004 से 2009 तक, जब यूपीए सत्ता में थी, कारगिल विजय दिवस नहीं मनाया गया। यहाँ तक कि एक कांग्रेस सांसद ने भी कहा था कि हम जश्न क्यों मनाएँ? वह युद्ध एनडीए सरकार के दौरान लड़ा गया था।

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शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि जब देश युद्ध लड़ता है, तो क्या वह किसी सरकार के लिए करता है? क्या ऐसे सवाल उठाना देशभक्ति है? कांग्रेस न केवल कारगिल, बल्कि ऑपरेशन सिंदूर पर भी सवाल उठाने का पाप कर रही है। केंद्रीय मंत्री ने दावा किया कि कांग्रेस का रवैया "राष्ट्र-विरोधी" होने की हद तक पहुँच गया है और कहा कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने हमेशा सैनिकों की बहादुरी का सम्मान किया है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस का यह रवैया राष्ट्र-विरोधी होने की हद तक जाता है। प्रधानमंत्री का विरोध करते-करते वे देश का ही विरोध करने लगे। वे पाकिस्तान की भाषा बोलते हैं। लेकिन हम अपने सैनिकों की बहादुरी के आगे नतमस्तक हैं। चौहान कांग्रेस नेता राशिद अल्वी द्वारा 2009 में दिए गए उस बयान का ज़िक्र कर रहे थे जिसमें उन्होंने कहा था कि "कारगिल जश्न मनाने की चीज़ नहीं है" और "एनडीए जश्न मना सकता है।" उन्होंने यह भी कहा कि चूँकि यह युद्ध प्रधानमंत्री अटल वाजपेयी के नेतृत्व में हुआ था, इसलिए यह पूरे देश की नहीं, बल्कि गठबंधन की जीत थी। कांग्रेस नेता और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी पर भी हमला बोलते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि पार्टी नेता सिर्फ़ ग़लत काम करते हुए लगातार माफ़ी मांगना जानते हैं। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि कैसे लोकसभा में विपक्ष के नेता ने आपातकाल, राफेल सौदे, सिख दंगों समेत कई चीज़ों के लिए माफ़ी मांगी है। उन्होंने कहा कि अगर वह आज कुछ ग़लत करेंगे, तो राहुल गांधी दस साल बाद उसके लिए माफ़ी मांगेंगे।