स्मार्ट मीटर से रुकेगी बिजली चोरी या ‘स्मार्ट चोर’ निकाल लेंगे नया रास्ता? डबरा में उठे गंभीर सवाल
24/04/2026 2:13 PM Total Views: 25534

विवेक भारती की रिपोर्ट
डबरा, 24 अप्रैल 2026।
शहर में बिजली विभाग द्वारा स्मार्ट मीटर लगाने की प्रक्रिया तेजी से चल रही है। उद्देश्य साफ है—बिजली चोरी पर लगाम कसना और राजस्व में बढ़ोतरी करना। लेकिन सवाल यह उठ रहा है कि क्या केवल स्मार्ट मीटर लग जाने से ही चोरी पूरी तरह रुक जाएगी? डबरा नगर में हालात कुछ और ही कहानी बयां कर रहे हैं। यहां के लोगों का कहना है कि आज का चोर भी उतना ही “स्मार्ट” हो गया है, जितनी तकनीक सरकार ला रही है।
स्थानीय नागरिकों के अनुसार, बिजली चोरी के तरीके लगातार बदलते जा रहे हैं। कई जगहों पर खंभों पर लगे बिजली के बॉक्स खुले पड़े रहते हैं, जिनसे सीधे तार जोड़कर बिजली का उपयोग किया जा रहा है। इतना ही नहीं, स्ट्रीट लाइट की लाइन से भी चोरी के मामले सामने आ रहे हैं, जहां बिना किसी मीटर के सीधे कनेक्शन लेकर बिजली का इस्तेमाल किया जा रहा है।
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यदि किसी घर के पास खंभा नहीं है, तो भी चोरी के तरीके थम नहीं रहे। कुछ लोग घर के पास से गुजर रही केबल में कील ठोककर या तार छीलकर अवैध रूप से बिजली खींच लेते हैं। यह तरीका बेहद खतरनाक भी है, क्योंकि इससे कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। बावजूद इसके, ऐसे मामले लगातार सामने आ रहे हैं।
चौंकाने वाली बात यह भी है कि कई घरों में निर्धारित लोड 2 किलोवाट होता है, लेकिन उपयोग उससे कई गुना अधिक किया जा रहा है। ऐसे घरों में दो से तीन एसी, कूलर, हीटर और अन्य भारी उपकरण बेखौफ चलाए जा रहे हैं। ऊपर से गरीबी का हवाला देकर सहानुभूति भी बटोरी जाती है, जबकि हकीकत में बिजली की खुली चोरी जारी रहती है।
विशेषज्ञों का मानना है कि स्मार्ट मीटर केवल खपत को मापने का एक आधुनिक तरीका है, लेकिन चोरी को रोकने के लिए जमीनी स्तर पर सख्ती और निगरानी जरूरी है। जब तक बिजली विभाग नियमित रूप से निरीक्षण नहीं करेगा और नियमों का कड़ाई से पालन नहीं कराया जाएगा, तब तक चोरी पर पूर्ण रोक संभव नहीं है।
स्थानीय लोगों ने बिजली विभाग से मांग की है कि केवल तकनीक पर निर्भर रहने के बजाय फील्ड में भी सख्त कदम उठाए जाएं। खुले पड़े बिजली बॉक्सों को तुरंत बंद कराया जाए, अवैध कनेक्शन पर जुर्माना और कानूनी कार्रवाई की जाए, और नियमित चेकिंग अभियान चलाए जाएं।
अब देखना यह होगा कि क्या स्मार्ट मीटर के साथ-साथ सख्त नियम और निगरानी व्यवस्था लागू कर बिजली चोरी पर लगाम लगाई जा सकेगी, या फिर “स्मार्ट चोर” हर बार नई तरकीब से सिस्टम को चुनौती देते रहेंगे।
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