मध्यप्रदेश के औद्योगिक नक्शे पर एक नया अध्याय जुडऩे जा रहा है RISE-2025 (रीजनल इंडस्ट्री, स्किल एंड एम्प्लॉयमेंट) कॉन्क्लेव, जिसका उद्घाटन मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 27 जून को करेंगे। यह आयोजन सिर्फ एक सरकारी कार्यक्रम नहीं, बल्कि प्रदेश में निवेश, नवाचार और औद्योगिक नवसृजन की नई यात्रा की शुरुआत है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘वोकल फॉर लोकल’ और ‘मेक इन इंडिया’ विजन को साकार करने के लिए मुख्यमंत्री डॉ. यादव, मुख्य सचिव अनुराग जैन, एमएसएमई प्रमुख सचिव राघवेन्द्र सिह, एमएसएमई मंत्री चैतन्य काश्यप, एमपीआईडीसी के सीएमडी चंद्र मौली शुक्ला और उद्योग विभाग के प्रमुख सचिव दिलीप कुमार की समन्वित मेहनत से रतलाम को अब मध्यप्रदेश का नया इंडस्ट्रियल हब बनाने की दिशा में ठोस कदम बढ़ाए जा रहे हैं। कॉन्क्लेव में 858.57 करोड़ रुपये की लागत वाली 18 औद्योगिक इकाइयों

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का भूमि पूजन और लोकार्पण किया जाएगा, जिनसे करीब 3000 युवाओं को प्रत्यक्ष रोजगार मिलेगा। साथ ही, 27 कंपनियों को भूमि आवंटन और आशय पत्र प्रदान किए जाएंगे, जो मालवा क्षेत्र को निवेश की नई ऊंचाइयों पर ले जाएंगे। रतलाम जो अब दिल्ली-मुंबई 8-लेन एक्सप्रेसवे से सीधा जुड़ चुका है, पीथमपुर के बाद राज्य का अगला प्रमुख औद्योगिक केंद्र बनने की ओर तेज़ी से अग्रसर है। ग्लोबल स्किलिंग का एमपी मॉडल- वॉलमार्ट, ओएनडीसी और NSDC के साथ रणनीतिक एमओयू: कॉन्क्लेव में वॉलमार्ट, ओएनडीसी और राष्ट्रीय कौशल विकास निगम (NSDC) के साथ महत्वपूर्ण समझौते किए जाएंगे, जो मध्यप्रदेश को ग्लोबल स्किलिंग मॉडल से जोड़ेंगे। इससे राज्य के युवाओं को अंतरराष्ट्रीय मानकों पर प्रशिक्षण और वैश्विक स्तर पर रोजगार और उद्यमिता के अवसर प्राप्त होंगे। ऋण वितरण और DBT से दो लाख हितग्राहियों को लाभ: कार्यक्रम के दौरान 2419 करोड़ रुपये से अधिक के ऋण ‘प्रधानमंत्री स्वनिधि’, ‘मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजना’ और ‘स्टैंडअप इंडिया’ के अंतर्गत वितरित किए जाएंगे। इसके अलावा 2 लाख से अधिक नागरिकों को स्वरोजगार, महिला-बाल कल्याण, कृषक सहायता और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का लाभ मिलेगा। 2.96 करोड़ रुपये की राशि डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर के माध्यम से सीधे हितग्राहियों के खातों में अंतरित की जाएगी, जिससे योजनाओं की पारदर्शिता और प्रभावशीलता सिद्ध होगी। खादी और पारंपरिक उद्योगों को मिलेगा बढ़ावा: राज्य की क्लस्टर विकास योजना के अंतर्गत 5 नई इकाइयों का भूमि पूजन भी किया जाएगा, जिससे स्थानीय संसाधन, पारंपरिक हुनर और ग्रामीण युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। राज्यव्यापी औद्योगिक आंदोलन की ओर कदम: इस कॉन्क्लेव को रीवा, सागर, अलीराजपुर और पीथमपुर से वर्चुअली जोड़ा जाएगा, जिससे यह आयोजन राज्यव्यापी औद्योगिक आंदोलन का स्वरूप लेगा। साथ ही, निवाड़ी, रायसेन और आगर-मालवा जिलों में 4.22 करोड़ रुपये की लागत से बने जिला व्यापार एवं उद्योग केंद्रों का लोकार्पण भी किया जाएगा। MSME मंत्री की सक्रिय निगरानी, नौकरशाही और प्रशासन की संयुक्त ऊर्जा: इस पूरे आयोजन की निगरानी MSME मंत्री चैतन्य काश्यप स्वयं कर रहे हैं। उनके साथ एमपीआईडीसी के सीएमडी चंद्रमौली, उद्योग सचिव दिलीप कुमार, जिला प्रशासन और राज्य स्तर की नौकरशाही की संयुक्त प्रतिबद्धता ने इसे एक नमूनेदार आयोजन बना दिया है। इस विशेष रिपोर्ट का लब्बोलुआब यह है कि RISE-2025 कॉन्क्लेव न केवल रतलाम को औद्योगिक उत्कृष्टता का नया केंद्र बनाएगा, बल्कि यह दर्शाएगा कि कैसे एक दृष्टिकोण, रणनीति, और सक्रिय प्रशासनिक भागीदारी से कोई क्षेत्र राष्ट्रीय औद्योगिक परिदृश्य में अपनी विशिष्ट जगह बना सकता है। यह आयोजन एक संदेश है कि मध्यप्रदेश अब सिर्फ कृषि राज्य नहीं, बल्कि औद्योगिक और स्किलिंग सुपरपावर बनने की राह पर है ऐसा माना जाए तो चौंकिएगा मत।